KedarnathStays+91 84393 31979सहायताव्हाट्सएप · सुबह 6 – रात 10हिंEN
एक्सप्लोर

तुंगनाथ और चंद्रशिला

4,000 मीटर पर बादलों के ऊपर सूर्योदय।

ऊँचाई
3,680 मी · चोटी 4,000 मी
ट्रेक और शुरुआत
चोपता से 3.5 किमी
कठिनाई
मध्यम
लगने वाला समय
आधा दिन
सबसे अच्छे महीने
अप्रैल–नवंबर

क्यों जाएं

तुंगनाथ दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर है, जो चोपता के बुग्यालों के ऊपर एक धार पर बना है। छोटी-सी चढ़ाई के बदले हिमालय की विशाल चोटियों का नज़ारा मिलता है।

1–1.5 किमी और आगे चंद्रशिला तक जाएं, जहां से नंदा देवी, त्रिशूल और चौखंबा पर 360° सूर्योदय दिखता है — उत्तराखंड के छोटे ट्रेक में सबसे सुंदर दृश्यों में से एक।

पैदल यात्रा

1
चोपता तक गाड़ी से

चोपता सड़क का आखिरी पड़ाव और बुग्यालों का बेस है, ऋषिकेश से ऊखीमठ होते हुए लगभग 165 किमी।

2
चोपता → तुंगनाथ

पत्थर से बने तीर्थ मार्ग पर 3.5 किमी, चढ़ाई में लगभग 2.5–3 घंटे; लगातार चढ़ाई, पर ज़्यादातर लोगों के लिए संभव।

3
तुंगनाथ → चंद्रशिला

4,000 मीटर की चोटी तक 1–1.5 किमी की और खड़ी चढ़ाई — सूर्योदय के समय पहुंचने की योजना बनाएं।

ध्यान दें

चंद्रशिला का सूर्योदय देखने के लिए भोर से पहले निकलें, और पानी व एक गर्म कपड़ा साथ रखें — चोटी खुली है और गर्मियों में भी ठंडी रहती है। सर्दियों में मंदिर बंद रहता है, तब तुंगनाथ की पूजा मक्कूमठ में होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आधा दिन: तुंगनाथ तक लगभग 3 घंटे, चंद्रशिला तक 45 मिनट और, और चोपता वापस उतरने में 2 घंटे।

नहीं। चोपता सोनप्रयाग से सड़क से लगभग 3 घंटे दूर, घाटी की दूसरी तरफ़ है। इसके लिए अलग दिन रखें और चोपता में एक रात रुकें।

सीज़न में नहीं — मंदिर तक का रास्ता पक्का और भीड़ वाला है। सर्दियों की बर्फ़ में, या भोर से पहले चंद्रशिला चढ़ने के लिए, स्थानीय गाइड लेना ठीक रहता है।

चंद्रशिला की ओर जाती धार, क्षितिज पर ऊंचा हिमालय।

घूमने की और जगहें

आसपास घूमने की योजना है?

Kedarnath Stays से पूछें — रास्ते, समय और ठहरने की जगह, हिंदी या English में।

व्हाट्सएप पर बात करें

स्कैन करके बात करें