परिचय
केदारनाथ जाने वाले हर तीर्थयात्री को यात्रा से पहले चारधाम यात्रा का पंजीकरण कराना ज़रूरी है — बच्चों का भी। पंजीकरण निःशुल्क है, और इसकी एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट उत्तराखंड पर्यटन चलाता है। इस गाइड में पहले ऑनलाइन पंजीकरण, फिर रास्ते के काउंटर, और फिर तीर्थयात्रियों के सबसे आम सवाल दिए गए हैं।
सरकारी पोर्टल कोई शुल्क नहीं लेता। "पंजीकरण शुल्क" मांगने वाली वेबसाइटें और एजेंट आधिकारिक नहीं हैं — कोई भी निजी जानकारी भरने से पहले जांच लें कि वेबसाइट का पता .uk.gov.in पर खत्म होता है।
विकल्प 1 — ऑनलाइन पंजीकरण
आधिकारिक पोर्टल registrationandtouristcare.uk.gov.in पर पंजीकरण करें। एक परिवार के लिए इसमें लगभग दस मिनट लगते हैं।
मोबाइल नंबर से साइन अप करें और पोर्टल से आए OTP से उसे सत्यापित करें।
नई यात्रा (टूर) शुरू करें, अपनी यात्रा की तिथियां चुनें और केदारनाथ चुनें (अगर दूसरे धाम भी जा रहे हैं तो उन्हें भी जोड़ें)।
हर यात्री का नाम, उम्र और संपर्क विवरण भरें, साथ में फ़ोटो और कोई फ़ोटो पहचान पत्र जैसे आधार, पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस। बच्चों समेत हर व्यक्ति का पंजीकरण अलग से होता है।
जमा करने के बाद पोर्टल आपके समूह के लिए QR कोड वाला पंजीकरण पत्र जारी करता है। इसे डाउनलोड करके फ़ोन में रखें।
इसकी एक छपी हुई कॉपी भी रखें। रास्ते में कई जगह QR कोड जांचा जाता है, और हेलीकॉप्टर बुक करने के लिए आपको अपना पंजीकरण नंबर (URN) चाहिए होगा।
विकल्प 2 — ऑफ़लाइन पंजीकरण
अगर आप ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं, तो यात्रा सीज़न शुरू होने से कुछ दिन पहले रास्ते में काउंटर खुल जाते हैं।
हरिद्वार (रेलवे स्टेशन, राही होटल), ऋषिकेश (ISBT, RTO कार्यालय) और केदारनाथ मार्ग पर गुप्तकाशी, फाटा, सोनप्रयाग और गौरीकुंड।
अपने समूह के हर यात्री का मूल फ़ोटो पहचान पत्र साथ रखें। मई और जून में काउंटरों पर लंबी कतारें लगती हैं, इसलिए समय लेकर चलें, और हो सके तो ऑनलाइन पंजीकरण करें।
बिना वैध पंजीकरण वाले यात्रियों को सोनप्रयाग और रास्ते की चौकियों पर रोका जा सकता है। घर से निकलने से पहले ही यह काम पूरा कर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हां। आधिकारिक पोर्टल और सरकारी काउंटरों पर पंजीकरण का कोई शुल्क नहीं है।
ऑनलाइन पंजीकरण आमतौर पर जमा करते ही जारी हो जाता है। काउंटर पर यह कतार पर निर्भर करता है — पीक सीज़न में कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक।
हां। हर तीर्थयात्री का पंजीकरण अलग से होना चाहिए, उम्र चाहे कुछ भी हो।
हां, हरिद्वार, ऋषिकेश, गुप्तकाशी, फाटा, सोनप्रयाग या गौरीकुंड के ऑफ़लाइन काउंटरों पर। फिर भी यात्रा से पहले ऑनलाइन पंजीकरण ज़्यादा जल्दी होता है।
नहीं। पंजीकरण यात्रा का एक रिकॉर्ड है। ठहरने की बुकिंग अलग से होती है, और दर्शन मंदिर की कतार में होते हैं।